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राम मंदिर प्रकरण की कवरेज पर विहिप का तीखा विरोध, पक्षपातपूर्ण पत्रकारिता और हिंदू फोबिया फैलाने का लगाया आरोप

✍️ Voice Of chatra | ⏱️ 29 Jun 2026, 11:01 PM
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नई दिल्ली, 29 जून। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की मीडिया कवरेज को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। विहिप के इंद्रप्रस्थ प्रांत मंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि राम मंदिर प्रकरण पर प्रसारित एक लाइव डिबेट के दौरान एबीपी न्यूज़ की एंकर रोमाना इसार खान ने पक्षपातपूर्ण, उत्तेजक और आक्रामक रवैया अपनाते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, विश्व हिंदू परिषद तथा समस्त हिंदू समाज को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया। उन्होंने इसे पत्रकारिता के इतिहास का एक "काला अध्याय" बताया।

प्रेस विज्ञप्ति में श्री गुप्ता ने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच होनी चाहिए तथा दोषियों को कठोरतम दंड मिलना चाहिए। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित लाइव शो में "क्या यह ट्रस्ट हिंदुओं को मूर्ख बनाने के लिए है?" जैसे अत्यंत आपत्तिजनक और भड़काऊ शब्दों का प्रयोग किया गया। उनके अनुसार, इस प्रकार की भाषा निष्पक्ष जांच के उद्देश्य से नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था को आहत करने तथा पूरे धार्मिक संस्थान और समाज को कटघरे में खड़ा करने के उद्देश्य से प्रयुक्त की गई। विहिप ने यह भी आरोप लगाया कि लाइव डिबेट के दौरान एंकर ने तथ्यों पर चर्चा करने के बजाय संगठन के प्रवक्ता पर लगातार चिल्लाकर उनकी बातों को दबाने का प्रयास किया तथा एकतरफा नैरेटिव स्थापित करने की कोशिश की। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जब विहिप प्रवक्ता ने इस शैली पर आपत्ति जताई तो उनके साथ व्यक्तिगत टिप्पणियां और चुनौतीपूर्ण भाषा का प्रयोग किया गया, जो किसी भी गंभीर समाचार संस्थान की गरिमा के अनुरूप नहीं है। श्री गुप्ता ने कहा कि राम मंदिर विश्वभर के सनातन हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे संवेदनशील मामले की जांच अभी जारी है, लेकिन मीडिया ट्रायल के माध्यम से "हिंदू फोबिया" और अविश्वास का वातावरण तैयार करना सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास है।

समाचार चैनल प्रबंधन से विहिप की प्रमुख मांगें

        प्रेस विज्ञप्ति में विश्व हिंदू परिषद ने संबंधित समाचार चैनल के वरिष्ठ प्रबंधन को पत्र लिखकर तीन प्रमुख मांगें रखी हैं -

1. एंकर के आचरण की संपादकीय समीक्षा :

लाइव डिबेट के दौरान एंकर रोमाना इसार खान द्वारा विहिप प्रवक्ता के साथ किए गए कथित अभद्र व्यवहार, पक्षपातपूर्ण भाषा तथा "हिंदुओं को मूर्ख बनाने" जैसे शब्दों के प्रयोग की निष्पक्ष संपादकीय जांच कराई जाए।

2. सार्वजनिक जवाबदेही एवं कार्रवाई:

पत्रकारिता की स्थापित मर्यादाओं, मीडिया एथिक्स तथा प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के कथित उल्लंघन के लिए संबंधित एंकर को उचित परामर्श, चेतावनी तथा जवाबदेह बनाया जाए।

3. पूर्वाग्रह-मुक्त बहस के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश:

भविष्य में धार्मिक एवं संवेदनशील विषयों पर होने वाली टीवी बहसों के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएं, ताकि किसी संगठन, धर्म या आस्था को बदनाम करने अथवा उसके प्रवक्ताओं को लाइव कार्यक्रमों में प्रताड़ित करने के लिए स्क्रीन का दुरुपयोग न हो। प्रेस विज्ञप्ति के अंत में श्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा कि यदि संबंधित समाचार संस्थान निष्पक्षता, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की उपेक्षा करते हुए इस प्रकार की कथित एजेंडा आधारित और शोर-शराबे वाली पत्रकारिता को बढ़ावा देता रहा, तो विश्व हिंदू परिषद एवं हिंदू समाज ऐसे चैनलों के एकाधिकार और भ्रामक विमर्श का लोकतांत्रिक तरीके से सशक्त विरोध करेगा।स्रोत: विश्व हिंदू परिषद द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति।

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दिनांक: 29 Jun 2026

राम मंदिर प्रकरण की कवरेज पर विहिप का तीखा विरोध, पक्षपातपूर्ण पत्रकारिता और हिंदू फोबिया फैलाने का लगाया आरोप

ई दिल्ली, 29 जून। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की मीडिया कवरेज को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। विहिप के इंद्रप्रस्थ प्रांत मंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि राम मंदिर प्रकरण पर प्रसारित एक लाइव डिबेट के दौरान एबीपी न्यूज़ की एंकर रोमाना इसार खान ने पक्षपातपूर्ण, उत्तेजक और आक्रामक रवैया अपनाते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, विश्व हिंदू परिषद तथा समस्त हिंदू समाज को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया। उन्होंने इसे पत्रकारिता के इतिहास का एक "काला अध्याय" बताया।

प्रेस विज्ञप्ति में श्री गुप्ता ने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच होनी चाहिए तथा दोषियों को कठोरतम दंड मिलना चाहिए। लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित लाइव शो में "क्या यह ट्रस्ट हिंदुओं को मूर्ख बनाने के लिए है?" जैसे अत्यंत आपत्तिजनक और भड़काऊ शब्दों का प्रयोग किया गया। उनके अनुसार, इस प्रकार की भाषा निष्पक्ष जांच के उद्देश्य से नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था को आहत करने तथा पूरे धार्मिक संस्थान और समाज को कटघरे में खड़ा करने के उद्देश्य से प्रयुक्त की गई। विहिप ने यह भी आरोप लगाया कि लाइव डिबेट के दौरान एंकर ने तथ्यों पर चर्चा करने के बजाय संगठन के प्रवक्ता पर लगातार चिल्लाकर उनकी बातों को दबाने का प्रयास किया तथा एकतरफा नैरेटिव स्थापित करने की कोशिश की। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जब विहिप प्रवक्ता ने इस शैली पर आपत्ति जताई तो उनके साथ व्यक्तिगत टिप्पणियां और चुनौतीपूर्ण भाषा का प्रयोग किया गया, जो किसी भी गंभीर समाचार संस्थान की गरिमा के अनुरूप नहीं है। श्री गुप्ता ने कहा कि राम मंदिर विश्वभर के सनातन हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे संवेदनशील मामले की जांच अभी जारी है, लेकिन मीडिया ट्रायल के माध्यम से "हिंदू फोबिया" और अविश्वास का वातावरण तैयार करना सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास है।

समाचार चैनल प्रबंधन से विहिप की प्रमुख मांगें

प्रेस विज्ञप्ति में विश्व हिंदू परिषद ने संबंधित समाचार चैनल के वरिष्ठ प्रबंधन को पत्र लिखकर तीन प्रमुख मांगें रखी हैं -

1. एंकर के आचरण की संपादकीय समीक्षा :

लाइव डिबेट के दौरान एंकर रोमाना इसार खान द्वारा विहिप प्रवक्ता के साथ किए गए कथित अभद्र व्यवहार, पक्षपातपूर्ण भाषा तथा "हिंदुओं को मूर्ख बनाने" जैसे शब्दों के प्रयोग की निष्पक्ष संपादकीय जांच कराई जाए।

2. सार्वजनिक जवाबदेही एवं कार्रवाई:

पत्रकारिता की स्थापित मर्यादाओं, मीडिया एथिक्स तथा प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के कथित उल्लंघन के लिए संबंधित एंकर को उचित परामर्श, चेतावनी तथा जवाबदेह बनाया जाए।

3. पूर्वाग्रह-मुक्त बहस के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश:

भविष्य में धार्मिक एवं संवेदनशील विषयों पर होने वाली टीवी बहसों के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए जाएं, ताकि किसी संगठन, धर्म या आस्था को बदनाम करने अथवा उसके प्रवक्ताओं को लाइव कार्यक्रमों में प्रताड़ित करने के लिए स्क्रीन का दुरुपयोग न हो। प्रेस विज्ञप्ति के अंत में श्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता ने कहा कि यदि संबंधित समाचार संस्थान निष्पक्षता, संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की उपेक्षा करते हुए इस प्रकार की कथित एजेंडा आधारित और शोर-शराबे वाली पत्रकारिता को बढ़ावा देता रहा, तो विश्व हिंदू परिषद एवं हिंदू समाज ऐसे चैनलों के एकाधिकार और भ्रामक विमर्श का लोकतांत्रिक तरीके से सशक्त विरोध करेगा।स्रोत: विश्व हिंदू परिषद द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति।